Gathiya Rog in Hindi – गठिया के लक्षण, कारण और इलाज

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Gathiya Rog in Hindi

Gathiya Rog in Hindi आर्थराइटिस या गठिया जिसे सन्घिशोध भी कहते हैं| गठिया रोग में जोड़ों में दर्द या सूजन हो जाती है| गठिया से पीड़ित व्यक्ति को बहुत ही दर्द होती है| इस रोग में जोड़ों में गांठे बन जाती है| गठिये की बिमारी में  एक या 2-3 हड्डियां मिलने लगती है| आन्तोर पर गठिया 55 या इससे अधिक आयु वालो को ये रोग होता है| क्युंकि इस आयु में व्यक्ति में क्षमता नहीं होती इसलिए उनके जोड़ों में सूजन एवं अकड़ाव आ जाता है| Gathiya Rog in Hindi के बारे में जानना आवश्यक है. आज की जीवन शैली में किसी भी आयु की व्यक्ति को यह रोग हो सकता है| Arthritis अधिकतर महिलाओं में होता है| Arthritis अन्य प्रकार के होते हैं और हर प्रकार के आर्थराइटिस में अलग-अलग लक्षण पाए जाते हैं|

Gathiya Rog in Hindi

गठिया रोग बहुत ही परेशानी पैदा करता है. बॉडी में जोड़ों और जगह जगह दर्द की शिकायत रहती है. Gathiya Rog in Hindi के जरिये हम इसके बारे में अच्छे से जान सकते हैं.

Gathiya ke prakar – गठिया के प्रकार 

गठिया के 5 सार्वजनिक प्रकार – 5 Common Types of Arthritis

  • ऑस्टिओआर्थरिटिस (Osteoarthritis)
  • रहूमटॉइड आर्थराइटिस (Rhumatoid Arthritis)
  • पसोरिएटिक आर्थराइटिस (Psoriatic Arthritis)
  • गाउट (Gout)
  • लुपस (Lupus)

1. ऑस्टिओआर्थरिटिस (Osteoarthritis)

ऑस्टिओआर्थरिटिस बहुत ही सार्वजानिक प्रकार का आर्थराइटिस है| इस प्रकार का arthritis अधिकतर हाथ, गुठने या रीढ़ की हड्डियों में होता है| हमारी हड्डियों को हर तरफ से कार्टिलेज सहारा देती है परन्तु बढ़ती उम्र के साथ-साथ यह कार्टिलेज घिसने लगता है जिसकी वजह से हड्डियों को कोई सहारा नहीं मिल पाता| जिसकी वजह से हड्डियों में दर्द और सूजन बढ़ जाती है| ऑस्टिओआर्थरिस में यह कार्टिलेज कमजोर होने लगते हैं|

ऑस्टिओआर्थरिटिस होने का कारण 

  • वजन का बढ़ना
  • जोड़ों में चोट
  • बढ़ती उम्र
  • जेनेटिक
  • अधिक टाला हुआ भोजन
  • हार्मोनल असंतुलन

ऑस्टिओआर्थरिटिस के लक्षण

  • Osteoarthritis का सबसे पहला लक्षण है जोड़ों में सूजन| हड्डियों के ऊपरी Cartilage के कमजोर होने के कारन जोड़ सूजने लगते हैं|
  • इसका दूसरा लक्षण है जोड़ों में दर्द| इस प्रकार के आर्थराइटिस में जोड़ों में बहुत पीड़ा होती है|
  • इस प्रकार के आर्थराइटिस से जोड़ों की वजह से चलने में बहुत दिक्कत होती है|Gathiya Rog in Hindi

2. रहूमटॉइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis)

Rheumatoid आर्थराइटिस होने पर न केवल जोड़ों में सूजन होती है बल्कि शरीर के अन्य भागों में भी सूजन हो जाती है| जैसे की लंग्स, हृदय, त्वचा, आँख आदि| इस आर्थराइटिस में दर्द असहनीय होता है| Rheumatoid Arthritis हमारे शरीर के दोनों तरफ के जोड़ों को एक साथ अपने चपेड़ में ले लेता है| और इसी वजह से ये दूसरे प्रकार के आर्थराइटिस से अलग है|

रहूमटॉइड आर्थराइटिस होने का कारण (Cause of Rheumatoid arthritis in Hindi)

  • रहूमटॉइड आर्थराइटिस जेनेटिक या प्राकर्तिक बदलाव की वजह से  हो सकता है|
  • रहूमटॉइड आर्थराइटिस होने का कारण है कि ये हमारे जोड़ों में सूजन और मोटा बना देता है|
  • यह हमारे इम्यून सिस्टम के कारण भी हो सकता है|

रहूमटॉइड आर्थराइटिस के लक्षण – Rheumatoid Arthritis Symptoms in Hindi

  • जोड़ों में दर्द, सूजन व अकड़न|
  • भूख कम लगना
  • तेज बुखार
  • थकान महसूस होना
  • वजन घटना
  • ज्यादा पसीना आना

3. पसोरियटिक आर्थराइटिस (Psoriatic arthritis)

इस प्रकार के आर्थराइटिस में पैरों में बहुत ही पीड़ा होती है| कुछ लोगों में पहले सोरायसिस होता है और उसके बाद गठिया होता है| इस प्रकार के गठिया में किसिस भी प्रकार का इलाज उपलब्ध नहीं हुआ है
इसलिए हमे इसके लक्षण को नियंत्रण करने में ध्यान देना चाहिए|

पसोरियटिक आर्थराइटिस के लक्षण – Psoriatic arthritis Symptoms in Hindi

  • पेरो की एड़ी में कोमलता
  • सुबह के वक्त जोड़ों का कठोर होना
  • थकन महसूस होना
  • आँखों का गुलाबी होना
  • पैर की उँगलियों में सूजन होना
  • जोड़ों का लाल और गरम होना

पसोरियटिक आर्थराइटिस के कारण – Psoriatic arthritis Causes in Hindi

इस प्रकार के गठिये के कारण के बारे म पता लगाना मुश्किल है| माना जाता है की पर्यावरण इस प्रकार के गठिया का कारण हो सकता है|

4. गाउट (Gout)

Gathiya Rog in Hindi में गाउट किसी को भी प्रभावित कर सकता है| अधिकतर यह पुरुषों में होता है| इसकी पहचान है की इसमें पैर के अंगूठे के जोड़ों में दर्द होता है| इससे आपके जोड़ गर्म होने लगते हैं| अगर किसी को रोज रात को नींद नहीं आती तो उसे यह गठिया होने के ज्यादा चांस है|

गाउट होने के कारण – Gout causes in Hindi

  • मोटापा
  • जेनेटिक
  • दवाइयों के इस्तेमाल के कारण (diuretics जैसी दवाई)
  • कोई गंभीर चोट
  • खाने में लाल मास को ग्रहण करना (red meat)
  • शराब पीना

गाउट के लक्षण – Gout Symptoms in Hindi

  • जोड़ों में जलन होना
  • जोड़ की त्वचा का लाल पड़ जाना
  • जोड़ की त्वचा का खाल उतरना

5. लुपस (Lupus)

लुपस जोड़, त्वचा, फेफड़े, हृदय, रक्त कोशिकाएं को प्रभावित करती है| लुपस को पहचानना मुश्किल होता है क्यूंकि इसके लक्षण दूसरी बीमारियों की तरह होते हैं| कई लोगों में जन्म से ही लुपस होने की संभावना होती है| लुपस को ठीक करने के लिए अभी तक कोई इलाज सामने नहीं आया है| हम बीएस इसके लक्षणों को नियंत्रण में रख सकते हैं|

लुपस होने का कारण – Lupus Causes in Hindi

  • दवाएं – एंटी बायोटिक , ब्लड प्रेशर, एंटी सीजर जैसी दवाई के प्रयोग से हो सकता है|
  • धूप – धूप के सम्पर्क में एते ही त्वचा पर घाव होने लगते हैं|
  • उम्र – लुपस सभी प्रकार के उम्र में हो सकता है| लेकिन अधिकतर यह 15 से 45 साल की उम्र के लोगों म होने के ज्यादा चांस है|

लुपस के लक्षण – Symptoms of Lupus in Hindi

  • थकान या बुखार
  • जोड़ों में दर्द व सूजन
  • आंखों का सूजना
  • हाथों और पैरों की उँगलियों का नीला पड़ जाना
  • त्वचा पर घाव बनना

Gathiya ka ilaj – गठिया का इलाज

गठिया का इलाज आपके जोड़ों के दर्द के रहत और लक्षण में सुधार के लिए किया जाता है| गठिया का इलाज कराने से पहले डॉक्टर के द्वारा यह पता लगा लेना चाहिए की कोनसा तरीका आपके लिए सबसे बेहतर है| Gathiya Rog in Hindi के माध्यम से आप इसके बारे में अच्छे से समझ पाएंगे.

Gathiya ki Dawa – दवाइयां

गठिया का इलाज करने वाली दवाइयां गठिये के प्रकार पर निर्भर करती हैं|

  • गठिया का दर्द कम करने के लिए दवाई – यह दवाई सिर्फ गठिये का दर्द कम करती है परन्तु सूजन पर कोई असर नहीं दिखती| यह दवाई है – अस्टमीनोफेन (acetaminophen)
  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड (Corticosteroids) इसे सूजन को काम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है|
  • नॉन स्टेरॉइडल एंटी इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (non steroidal anti-inflammatory drugs) – इसे दर्द और सूजन दोनों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं| यह है – ibuprofen यह बाजार में दवाई, क्रीम या जेल के रूप में उपलब्ध है|

सर्जरी

अगर इन दवाइयों से आपको फर्क नहीं पड़ता तो डॉक्टर्स आपको सर्जरी करने की सलाह देते हैं|

  • घुटनो के जोड़ बदलने के लिए सर्जरी – इस प्रकार की सर्जरी में खराब जोड़ को निकाल कर दूसरी जोड़ लगाई जाती है|
  • जॉइंट फ्यूज़न (Joint Fusion) – इस सर्जरी के इस्तेमाल से दो हड्डियों को आपस में जोड़ा जाता है|

Gathiya Rog in Hindi के बारे में हम सब को जानना बहुत जरूरी है| यह बहुत ही कष्टदायक बिमारी है| यह हमारी बढ़ती उम्र के साथ होती है|

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